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Nalanda Mahavihara: दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय, जहां 10,000 छात्र और 2,000 शिक्षक पढ़ते थे

बख्तियार खिलजी के जलाए जाने से लेकर नए नालंदा विश्वविद्यालय के उद्घाटन तक की पूरी दास्तान।

डॉ. रमेश चंद्र झा
डॉ. रमेश चंद्र झाइतिहासकार & रिसर्चर
30 सित॰ 20267 मिनट पठन
Nalanda Mahavihara: दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय, जहां 10,000 छात्र और 2,000 शिक्षक पढ़ते थे
📸 प्राचीन नालंदा महाविहार के पुरातात्विक खंडहर
5वीं शताब्दी ईस्वी में जब यूरोप के अधिकांश हिस्से में बुनियादी शिक्षा भी नहीं थी, तब बिहार के नालंदा में 9 मंजिला धर्मगंज लाइब्रेरी थी, जो 3 महीने तक जलती रही थी।

### ज्ञान की राजधानी: पाटलिपुत्र और नालंदा

नालंदा केवल एक ईंट-पत्थर की इमारत नहीं थी, वह ज्ञान का ऐसा प्रकाश स्तंभ था जहां प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) खुद द्वारपाल लेते थे, और केवल 20-30% मेधावी ही उत्तीर्ण हो पाते थे।

ह्वेनसांग और इत्सिंग जैसे चीनी यात्रियों ने अपने यात्रा वृतांतों में लिखा है कि नालंदा में तर्कशास्त्र, गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और दर्शनशास्त्र की शिक्षा दी जाती थी।

आज नालंदा का नया कैंपस नेट-जीरो एनर्जी मॉडल पर दोबारा खड़ा होकर अपनी खोई विरासत को पुनः प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।

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#Nalanda#Ancient Bihar#History#Aryabhata#Buddhism
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